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मैंने ख़रीदा था ये अवार्ड :ऋषि कपूर

अपनी बेबाकी और मुंहफट रवैये के कारण अक्सर चर्चा में रहने और कई बार विवादों में घिर जाने वाले 64 साल के ऋषि कपूर साढ़े 4 दशकों से बॉलिवुड में सक्रिय हैं और आज भी अपने किरदारों के लिए अवॉर्ड जीत रहे हैं। हाल ही में दिल्ली में उन्होंने पत्नी नीतू कपूर के साथ मिलकर अपनी बायॉग्रफी ‘खुल्लम खुल्ला: ऋषि कपूर अनसेंसर्ड’ लॉन्च की। उनकी बेटी, दामाद, पोती और कई करीबी दोस्त भी मौजूद थे। इस दौरान ऋषि ने अपनी पर्सनल और प्रफेशनल लाइफ से जुड़े कई दिलचस्प किस्से भी सुनाए। जानिए आप भी…

पिछले साल आई फिल्म ‘कपूर ऐंड सन्स’ में अपने बेहतरीन किरदार के लिए हाल ही में बेस्ट सपॉर्टिंग ऐक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड जीतने वाले ऋषि कपूर बॉलिवुड के सबसे पुराने और सबसे प्रतिष्ठित कपूर घराने के सदस्य हैं। यही वजह है कि उनका अंदाज भी सबसे जुदा है। अपने करियर की सेकंड इनिंग में भी फ्रंटफुट पर खेल रहे ऋषि कपूर जब अपनी बायॉग्रफी लॉन्च करने दिल्ली पहुंचे, तब भी उनका यह अलग अंदाज साफ नजर आया।

लेखिका मीना अय्यर के साथ मिलकर करीब साढ़े तीन साल में लिखी गई इस 270 पेज की बायॉग्रफी में ऋषि कपूर ने अपनी जिंदगी के कई अनछुए किस्सों को पूरी बेबाकी और ईमानदारी से बयां किया है। जब उनसे पूछा गया कि यह बुक लिखते वक्त उनके सामने सबसे कठिन चुनौती क्या थी? तो जवाब में ऋषि कपूर ने यही कहा कि उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती ईमानदार बने रहने की थी, क्योंकि उनकी जिंदगी के कई ऐसे पहलू हैं, जिन्हें वह पूरी ईमानदारी के साथ सबके सामने लाना चाहते थे।

ये सही है कि ऋषि कपूर ने अपनी आत्मकथा में बहुत सी ऐसी बातों का जिक्र किया है, जिसे अक्सर झूठला दिया जाता रहा है. और परिणाम ये होता है की ऐसी बातों पर हमेशा के लिये पर्दा पड जाता है. ऋषि कपूर किस इस बात के लिये सराहना की जानी चाहिये कि कुछ पर उन्होने साफगोई दिखाई, लेकिन इसके बाद भी ऐसा लगता है कि बहुत हुआ अब

ऋषि की यह ईमानदारी उनकी बायॉग्रफी के उन हिस्सों में साफ नजर भी आती है, जिनमें उन्होंने बताया है कि किस तरह 1993 में मुंबई में हुए सीरियल बन धमाकों से पहले 1988 और 1989 में दो बार दुबई में उनकी मुलाकात अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से हुई या फिर 1973 में उन्होंने फिल्म ‘बॉबी’ के लिए बेस्ट ऐक्टर का अवॉर्ड हासिल करने के लिए एक शख्स को 30 हजार रुपये दिए। अपनी बायॉग्रफी में ऋषि कपूर ने एक तरफ नरगिस और वैजयंतीमाला जैसी ऐक्ट्रेसेज के साथ अपने पिता की रिलेशनशिप का भी खुलकर इजहार किया है, तो वहीं रणबीर कपूर के साथ अपने खट्टे-मीठे रिश्तों पर भी साफगोई के साथ कलम चलाई है।

बुक लॉन्चिंग के बाद सुहेल सेठ के साथ बातचीत में ऋषि कपूर ने बताया कि पूरा कपूर परिवार खाने-पीने का बहुत शौकीन है। खासतौर से उनके लिए ईटिंग यानी खाना और एक्टिंग यानी अदाकारी दो ऐसी चीजें हैं, जो सबसे ज्यादा महत्व रखती हैं। उन्होंने शराब के प्रति अपने शौक का भी खुलकर इजहार किया और बताया कि हम लोग खाने के इतने शौकीन हैं कि नाश्ते के वक्त यह सोचते हैं कि लंच में क्या मिलेगा, लंच के सोचते हैं कि डिनर में क्या मिलेगा और डिनर के वक्त सोचते हैं कि अगले दिन सुबह क्या मिलेगा। उन्होंने कहा कि मैं अपना वजन कम नहीं कर पाया और मुझे इसका कोई गम नहीं है, मगर मुझे खुशी है कि फूडी होने के बावजूद नीतू और रणबीर बिल्कुल फिट हैं। उन्होंने इसके लिए इन दोनों के अच्छे मेटाबॉलिज्म को जिम्मेदार बताया।

ऋषि कपूर को कब किस बात पर गुस्सा आ जाए या वह कब क्या कह दें, कोई नहीं जानता। ऋषि खुद भी यह माना कि वे बहुत बेसब्र इंसान हैं और उनके अंदर धैर्य की बहुत कमी है। उन्होंने कहा कि यह अब मेरे स्वभाव का हिस्सा बन चुका है और इसलिए खुद को बदल पाना उनके लिए अब मुश्किल है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके साथ काम करना या रहना किसी के लिए भी आसान नहीं है और इसके लिए उन्होंने अपनी पत्नी नीतू कपूर और बायॉग्रफी की सहलेखिका मीना अय्यर का खासतौर पर शुक्रिया भी अदा किया। ऋषि ने यह भी माना कि 11वीं में ही स्कूल छोड़ देने का उन्हें कोई गम नहीं है। इसे उन्होंने अपनी खानदानी परंपरा बताते हुए कहा कि सिर्फ उनके दादाजी और रणबीर ही इस मामले में अलग हैं।

अपने पहले ब्रेकअप के बारे में ऋषि ने एक बड़ा दिलचस्प किस्सा सुनाया। उन्होंने कहा, आमतौर पर लोग सोचते हैं कि जैसा फिल्मों में होता है, वैसा असल जिंदगी में नहीं होता, मगर मेरे साथ बिल्कुल फिल्मी स्टाइल में ये सब हुआ। बॉबी की रिलीज के बाद मैं अपने दो दोस्तों के साथ मुंबई के ताज होटल गया हुआ था। कुछ दिन पहले ही अपनी गर्लफ्रेंड यास्मिन मेहता के साथ मेरा ब्रेकअप हुआ था। तब मैं सिर्फ 21 साल का था। मेरे दोस्त मुझे दिलासा देने की कोशिश कर रहे थे, तभी मैंने देखा कि सामने से मेरी गर्लफ्रेंड अपने नए बॉयफ्रेंड का हाथ थामे आ रही थी। यह देखकर मैं हैरान रह गया। मैंने शराब भी तभी से पीनी शुरू की थी। नीतू के साथ अपने मजबूत रिश्ते का राज बताते हुए ऋषि ने कहा कि इस मामले में मैं कभी उनका विवादित नहीं रहा और मैंने कभी उनके साथ चीटिंग नहीं की। मैंने जितनी फिल्में भी कीं, वो उन्हें बताकर कीं। ऋषि ने बुक में डिंपल कपाड़िया के साथ अपनी रिलेशनशिप का जिक्र भी किया है और बताया है कि किस तरह डिंपल की शादी हो जाने के बाद उन्होंने उनके साथ फिल्म करने से पहले राजेश खन्ना को फोन कर उनकी इजाजत ली थी।

ऋषि ने बॉलिवुड के कई दौर बदलते देखे हैं। आज जब वह इसका आकलन करते हैं, तो कहते हैं कि आज के बच्चे बहुत प्रफेशनल और अपडेटेड हैं। जब मैं 16 साल का था, तब दुनिया अलग थी। आज के बच्चों को सारे इमोशंस के साथ डील करना आता है। हमारे समय हम तजुर्बे से सीखते थे, मगर आज के बच्चे इंस्टेंट नूडल्स की तरह हैं। वे सेट पर ऑन टाइम और पूरी तैयारी के साथ आते हैं, उन्हें अपनी लाइनें पता होती हैं और वो बहुत अनुशासन के साथ काम करते हैं। हम इतने अनुशासित नहीं थे, चमचों से घिरे रहते थे और अपनी लाइनें भूल जाते थे। यह अच्छी बात है कि आज अलग तरह की फिल्में बन रही हैं, मगर उनका एसेंस कहीं गायब होता जा रहा है। ऋषि ने कहा कि ऐक्टिंग उनका पैशन है और यही वजह है कि उन्होंने कभी फिल्में प्रड्यूज या डायरेक्ट करने के बारे में नहीं सोचा। उन्होंने यह भी कहा कि मेरी सफलता में मेरे सभी साथी कलाकारों का बड़ा योगदान रहा है और यही वजह है कि अपने फेवरिट सह-कलाकार के तौर पर वह किसी एक का नाम नहीं ले सकते ऋषि ने साड़ी बाते बहुत ही आसानी से बता दिया है|

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Neha Mishra

Currently I am pursuing my Bachelor of Mass Communication. Also working in the AIRHIT Media Networks....

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