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पहले ऐक्ट्रेस को आदर्श नारी के रूप में दिखाया जाता था, अब ऐसा नहीं है: शबाना आजमी

दिग्गज अदाकारा शबाना आजमी का कहना है कि हिंदी फिल्मों में अभिनेत्रियों का चित्रण बदल गया है, जो स्पष्ट नजर आता है। यह बदलाव सकारात्मक है। आजमी ने कहा कि पहले और अब की ऐक्ट्रेस के करैक्टराइजेशन में काफी फर्क आया है। पहले जहां ऐक्ट्रेस को सीधी-सादी आदर्श नारी के रूप में दिखाया जाता था वहीं अब ऐसा नहीं हैं।

जब शबाना आजमी से पूछा गया कि सिनेमा ने किस तरह बदलाव लाने में योगदान दिया है, तो शबाना ने कहा, ‘मुझे लगता है कि अब बहुत अंतर आ गया है। पहले की फिल्मों में अभिनेत्री को सती सावित्री की तरह सीधी-सादी आदर्श नारी के रूप में दिखाया जाता था। यह चित्रण अब पूरी तरह से बदल गया है।’

राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता 66 वर्षीया अभिनेत्री ने आज के दौर की अभिनेत्रियों विद्या बालन और आलिया भट्ट की तारीफ भी की। उन्होंने कहा, ‘यदि आप आज की लड़कियों को देखें- जैसा कि विद्या बालन अभिनीत कई फिल्मों से जाहिर हुआ है या जैसा कि युवा अभिनेत्री आलिया भट्ट ने किया है। बदलाव हो रहा है, लेकिन निश्चित तौर भी अब भी बहुत कुछ किए जाने की जरूरत है।’

शबाना लैक्मे फैशन वीक समर/रिजॉर्ट 2017 में एनजीओ क्रांति द्वारा पेश शो को समर्थन देने पहुंची थीं। इस शो में रेड लाइट एरिया से सुरक्षित बचाई गई महिलाओं की बेटियों ने रैंप वॉक किया। शो खत्म होने के बाद शबाना ने बताया कि क्रांति का काम सच में क्रांतिकारी है। जिन लोगों को समाज ने हाशिये पर धकेल दिया, यह उनके जीवन में उजाला लाने का काम करता है।

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Neha Mishra

Currently I am pursuing my Bachelor of Mass Communication. Also working in the AIRHIT Media Networks….

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